इलेक्ट्रो होम्योपैथी से बनाएं जीवन को रोगमुक्त

सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।। 

सनातन धर्म में इस श्लोक के माध्यम से सभी के सुखी रहने और रोगमुक्त होने की कामना की गई है। पर क्या वर्तमान समय में यह कामना फलीभूत होती दिखाई देती है? शायद आपका जवाब नहीं होगा। 


आज जिस प्रकार मनुष्य नए-नए वायरस और कई तरह की बीमारियों के चपेट में आ रहा है ऐसे में एक रोगमुक्त समाज की कल्पना करना दूर की कौड़ी साबित होता दिखाई पड़ता है। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं न कहीं मनुष्य स्वयं ही कई रोगों को दावत दे रहा है। 



प्रकृति से दूर होता और मशीनी युग में जीता आज का मनुष्य अव्यवस्थित जीवन शैली के साथ आगे बढ़ रहा है जिसमें न तो उसके पास स्वयं के लिए समय है और न ही वह अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत है। जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति की लापरवाही की नींद तब खुलती है जब रोग उसके पूरे शरीर में घर बना चुका होता है और फिर वह भागने लगता है ईलाज की ओर। 

दवाइयों के साइड-इफेक्ट्स, इंजेक्शन का दर्द, कड़वी दवाएं, धीमा ईलाज इन सभी कारणों से कई बार व्यक्ति को गुज़रना पड़ता है, और तो और कई तरह के इलाज के बाद भी व्यक्ति को उसके रोग में असर होता नहीं दिखता जिससे वह कई बार हताश और निराश महसूस करता है।


पर ऐसा नहीं कि इस स्थिति को बदला नहीं जा सकता। कहते हैं न जहां चाह है वहीं राह है। इलेक्ट्रो होम्योपैथी एक ऐसी ही चिकित्सा पद्धति है जो न केवल मनुष्य को प्रकृति के करीब ले आती है बल्कि उसे ताउम्र स्वस्थ जीवन का वरदान भी देती है।


इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सक एवं सिन्हा इलेक्ट्रो होम्यो अनुसंधान केन्द्र के उप-निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिन्हा के अनुसार ‘‘इलेक्ट्रो होम्योपेथी के माध्यम से लोग कम समय में रोगमुक्त हो जाते हैं। इलेक्ट्रो होम्योपैथी की दवा पूरे शरीर से रोग को दूर तो करती है साथ ही वह शरीर को स्वस्थ एवं मजबूत भी बनाती है जिससे भविष्य में रोग आपके शरीर से कोसों दूर रहता है।’’

भारत में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा कई वर्षों से की जा रही है पर जानकारी के अभाव में लोग इस चिकित्सा पद्धति के बारे में कम ही जानते हैं और तो और कई लोग इलेक्ट्रो होम्योपैथी को होम्योपैथी समझ लेते हैं। पर आपको बता दें कि होम्योपैथी और इलेक्ट्रो होम्योपैथी दो अलग-अगल चिकित्सा पद्धति हैं। होम्योपैथी में जहां लक्षणों के आधार पर चिकित्सा की जाती है वहीं इलेक्ट्रो होम्योपैथी के अन्तर्गत मानव के अंगों का ईलाज किया जाता है। साथ ही इलेक्ट्रो होम्योपैथी से असाध्य रोगों का इलाज भी संभव है और यह हर प्रकार की बीमारी में रोगी को लाभ पहुंचाती है।



इलेक्ट्रो होम्योपैथी उर्जा पर आधारित चिकित्सा विज्ञान है जिसके अन्तर्गत केवल पौधों से दवाओं का निर्माण किया जाता है और इसका शरीर पर कोई कुप्रभाव नहीं होता। अक्सर यह देखा गया है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी की दवा से मात्र 15 से 20 मिनट में लम्बे समय से बने हुए दर्द में राहत मिल जाती है। इसकी दवाएं आपके पूरे शरीर पर काम करती हैं जिससे शरीर में मौजूद छोटे से छोटा रोग भी पूरी तरह गायब हो जाता है और व्यक्ति एक स्वस्थ जीवन जीता है।


0 Comments

Contact form